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मंगळवार, १९ ऑक्टोबर, २०२१

शायरी


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खुशी और गम दोनोंके साक्षी है हम...!!
बचनेकी हमसे सारी कोशीशे है कम...!!
होती है जबभी तुम्हारी ऑंखे यू नम्...!!
छिनही जाती है हमारी दुनिया सनम...!!

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✍️...🧚🏻‍♀️ऐंजल वैशू 

( वैशाली पडवळ )

१३ टिप्पण्या:

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